E Shram Pension Yojana 2026 असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों के लिए शुरू की गई एक सरकारी योजना है। इस योजना को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और मजदूर लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सहायता देना है।
ई श्रम पेंशन योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन दी जाती है। योजना में शामिल होने के लिए श्रमिकों को हर महीने थोड़ी राशि जमा करनी होती है। खास बात यह है कि जितना पैसा श्रमिक जमा करता है, उतना ही योगदान सरकार भी देती है।
ई श्रम पेंशन योजना 2026
E Shram Card Pension Yojana का लाभ रेहड़ी-पटरी विक्रेता, मजदूर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र के कामगार उठा सकते हैं। योजना में शामिल होने के लिए श्रमिक की आयु सामान्यतः 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास ई-श्रम कार्ड या जरूरी पहचान दस्तावेज होना आवश्यक है।
यह योजना उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके पास भविष्य के लिए कोई पेंशन सुविधा नहीं है। इससे श्रमिकों को बुढ़ापे में हर महीने निश्चित आय मिलती है और उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना कम करना पड़ता है।
E Shram Card Pension 2026 Overview
| मंत्रालय का नाम | केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय |
| योजना का नाम | ई-श्रम पेंशन योजना / प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना |
| योजना की शुरुआत | अगस्त 2021 |
| लाभार्थी | असंगठित क्षेत्र के श्रमिक और मजदूर |
| उद्देश्य | बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा और पेंशन सुविधा देना |
| पेंशन राशि | ₹3000 प्रति माह |
| पेंशन शुरू होने की आयु | 60 वर्ष के बाद |
| आवेदन आयु सीमा | 18 से 40 वर्ष |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन / CSC केंद्र के माध्यम से |
| Category | Yojana |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://eshram.gov.in/ |
मासिक अंशदान कितना जमा करना होगा?
ई-श्रम पेंशन में शामिल होने वाले श्रमिकों को अपनी उम्र के अनुसार हर महीने एक तय राशि जमा करनी होती है। यह मासिक अंशदान लगभग ₹55 से ₹200 तक हो सकता है। कम उम्र में योजना से जुड़ने पर कम पैसा जमा करना पड़ता है, जबकि अधिक उम्र में शामिल होने पर मासिक योगदान थोड़ा बढ़ जाता है।
योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद लाभार्थी को हर महीने ₹3000 की निश्चित पेंशन दी जाती है। यह पेंशन सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बुढ़ापे में श्रमिकों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहे।
ई श्रम पेंशन योजना के लिए पात्रता मानदंड
- योजना का लाभ केवल असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर, ठेला चालक, घरेलू कामगार और छोटे श्रमिकों को मिलता है।
- आवेदन करने वाले श्रमिक की आयु कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- योजना में वही श्रमिक पात्र माने जाते हैं जिनकी मासिक आय ₹15,000 से अधिक नहीं होती है।
- आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और जरूरी पहचान दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक रहता है।
- EPFO, ESIC सदस्य या आयकर भरने वाले व्यक्ति इस पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते।
योजना के प्रमुख लाभ और फायदे
- इस योजना से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में नियमित आय का भरोसा मिलता है, जिससे वे आत्मनिर्भर रह सकते हैं।
- छोटे मासिक योगदान के साथ सरकार भी समान राशि जोड़ती है, जिससे कम बचत में बड़ा पेंशन फंड तैयार हो जाता है।
- 60 वर्ष के बाद मिलने वाली निश्चित पेंशन से दवाइयों, भोजन और दैनिक खर्चों को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पैसा सीधे बैंक खाते में आता है और किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं पड़ती।
- परिवार सुरक्षा के रूप में लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को भी आर्थिक सहायता जारी रहती है।
सरकार की ओर से कितना योगदान दिया जाएगा?
ई-श्रम कार्ड पेंशन योजना में श्रमिक जितना मासिक अंशदान जमा करता है, उतनी ही राशि सरकार भी उसके खाते में योगदान के रूप में जोड़ती है। यानी इस योजना में सरकार 1:1 के अनुपात में बराबर का योगदान देती है।
इससे श्रमिक की छोटी-छोटी बचत मिलकर एक बड़ा पेंशन फंड बनता है, जो 60 वर्ष की आयु के बाद उसे नियमित मासिक पेंशन के रूप में मिलता है।
ई श्रम पेंशन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- ई-श्रम पेंशन योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले नजदीकी CSC केंद्र या आधिकारिक ई-श्रम पोर्टल https://eshram.gov.in/ पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करनी होती है।

- इसके बाद आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP की मदद से लॉगिन करके प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना का चयन करना होता है।

- अब आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण और नामांकित व्यक्ति (Nominee) से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी सावधानी से भरनी होती है।
- इसके बाद आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करना होता है।
- सफल पंजीकरण के बाद श्रमिक को एक पेंशन खाता नंबर दिया जाता है, जिसके माध्यम से वह भविष्य की पेंशन स्थिति ट्रैक कर सकता है।