बिहार राज्य सरकार के द्वारा जनहित में कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को सक्रियता दी गई है जिनका लाभ अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार से उनकी जरूरत के आधार पर प्रदान करवाया जाता है।
अगर हम बिहार राज्य की महत्वपूर्ण योजनाओं की बात करें तो इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना भी शामिल होती है। यह योजना ऐसे व्यक्तियों के लिए चालू है जो 80% या उससे अधिक विकलांग है तथा आर्थिक स्थिति कमजोर है।
राज्य में यह योजना पिछले कई सालों से कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत लाखों की संख्या में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पंजीकृत करवाया गया है। बताते चलें कि इस योजना में पंजीकृत होने के लिए आवेदन करना बहुत जरूरी होता है जो की ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्रकार से कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना
बिहार राज्य में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना को काफी अग्रिम सराहना मिली है क्योंकि इस योजना के अंतर्गत दिव्यांग व्यक्तियों की मदद तो हो ही पा रही है साथ में उनके जीवन में काफी कल्याणकारी बदलाव भी देखने को मिल पा रहे हैं।
पिछले कई सालों से सक्रिय इस योजना में समय अनुसार विभिन्न प्रकार के बदलाव भी कर दिए जा चुके हैं ताकि जो व्यक्ति इस योजना से पंजीकृत है उनके लिए सहूलियत हो सके। आईए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से योजना की पूरी जानकारी आप तक पहुंचाते है।
Indira Gandhi Divyang Pension 2025 Overview
| विभाग का नाम | समाज कल्याण विभाग |
| योजना का नाम | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना |
| योजना की शुरुआत | फरवरी 2009 |
| राज्य | बिहार |
| पात्रता | ऐसे व्यक्ति जो 80% या फिर उससे ज्यादा दिव्यांग है |
| पेंशन राशि | ₹1100/- प्रतिमाह |
| आयु सीमा | 18 वर्ष से लेकर 79 वर्ष तक |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑफलाइन |
| Category | Sarkari Yojana |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://www.myscheme.gov.in/ |
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्रता
नीचे उपलब्ध करवाई गई पात्रताओं के आधार पर ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाता है:-
- इस योजना का लाभ केवल बिहार राज्य के निवासियों के लिए ही सुनिश्चित किया गया है।
- ऐसे व्यक्ति जो 80% या फिर उससे ज्यादा दिव्यांग है केवल उन्हीं के लिए ही लाभ दिया जाएगा।
- उनकी आर्थिक स्थिति गरीबी रेखा या फिर उससे नीचे के स्तर की होनी चाहिए।
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अन्य किसी भी प्रकार की परमानेंट इनकम या पेंशन न मिलती हो।
- सरकारी प्रावधान अनुसार 18 वर्ष से लेकर 79 वर्ष तक के दिव्यांगों के लिए ही योजना का लाभ दिया जाता है।
- उनके नाम पर कोई आधिकारिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में वित्तीय राशि
बिहार राज्य में चलाई जा रही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत जो भी होगा अपनी पात्रताओं के आधार पर पंजीकृत होते हैं उन सभी के लिए मासिक रूप से वित्तीय राशि प्रदान करवाई जाती है जो की वर्तमान में ₹1100 तक की है।
अगर हम योजना के अंतर्गत पिछले सालों की बात करें तो दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ₹400 से लेकर ₹500 तक की मासिक सहायता प्रदान करवाई जाती थी हालांकि समय अनुसार इस राशि में इजाफा कर दिया गया है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना की विशेषताएं
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना की विशेषताएं निम्न है:-
- इस योजना का लाभ बिना किसी श्रेणी भेदभाव के सभी दिव्यांगों के लिए दिया जाता है।
- पंजीकृत होने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों प्रकार से है।
- योजना के अंतर्गत मासिक वित्तीय सहायता को खातों में ट्रांसफर किया जाता है।
- यह योजना निरंतर रूप से पिछले वर्षों से अपना कार्य कर रही है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का उद्देश्य
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन जो की एक राज्य स्तरीय योजना है। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल है कि आर्थिक वर्ग से कमजोर ऐसे व्यक्ति जो शारीरिक अंग से दिव्यांग है जिसके चलते वे काम करने में भी असमर्थ है उन सभी के लिए दैनिक खर्च हेतु मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करवाई जाए।
योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले वित्तीय लाभ से दिव्यांग व्यक्ति आत्मनिर्भर तो हो ही सकेंगे साथ में उनके लिए अपनी जरूरतो हेतु वित्तीय परेशानियों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। यह योजना महिला तथा पुरुष दोनों के लिए ही लाभार्थी करती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने ब्लॉक स्तर के नजदीकी आरटीपीएस कार्यालय में जाएं।
- यहां से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का फॉर्म लेना होगा तथा उसमें पूरी जानकारी भरनी होगी।
- फॉर्म भर जाने के बाद साइन करते हुए सभी आवश्यक दस्तावेजों को इसके साथ जोड़ें।
- और फॉर्म और दस्तावेजों को स्वीकृति के लिए आरटीपीएस कार्यालय में जमा कर देना होगा।
- फार्म जमा कर देने के बाद आपके लिए रसीद भी दी जाएगी इस प्रकार से आवेदन हो जाएगा।
FAQs
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में आवेदन के बाद की प्रक्रिया क्या होगी?
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में आवेदन के बाद अप्रूव या कैंसिल की जानकारी ईमेल पर भेज दी जाएगी जिसके तहत अगर आवेदन अप्रूव होता है तो आवेदक स्वयं आरटीपीएस कार्यालय से स्वीकृति ले सकता है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना कब से चालू है?
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना 2009 से चालू है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का फॉर्म कब तक अप्रूव होता है?
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का फॉर्म अधिकतम एक महीने की अवधि के भीतर अप्रूव किया जा सकता है।
