Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2026 उत्तर प्रदेश सरकार की एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना के समय आर्थिक सहायता देना है। यह योजना उन परिवारों के लिए मददगार साबित होती है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत खेती है।
कई बार सड़क दुर्घटना, खेत में काम करते समय हादसा या अन्य कारणों से किसान की मृत्यु या गंभीर चोट हो जाती है। ऐसी स्थिति में परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। इस समस्या को कम करने के लिए सरकार द्वारा कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि प्रदान करती है।
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2026
सरकार ने इस योजना की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर आवेदन और भुगतान व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। इससे पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे अनावश्यक देरी और कागजी प्रक्रियाओं की समस्या कम होती है।
यदि आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं या आपके परिवार का कोई सदस्य खेती से जुड़ा है, तो इस योजना की पात्रता, लाभ, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है। इस लेख में हम मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से जानेंगे।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026 Overview
| संबंधित विभाग | राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| वर्ष | 2026 |
| लाभार्थी | किसान एवं उनके पात्र परिवार के सदस्य |
| उद्देश्य | दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना |
| सहायता का प्रकार | मृत्यु या दिव्यांगता पर वित्तीय सहायता |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
| भुगतान का माध्यम | DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में |
| योजना का लाभ | परिवार को ₹5 लाख तक की आर्थिक सुरक्षा |
| पात्रता | उत्तर प्रदेश के पात्र किसान और उनके परिवार |
| Category | Yojana |
| आधिकारिक पोर्टल | https://bor.up.nic.in/ |
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए पात्रता
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के उन किसानों को दिया जाता है जो राज्य के निवासी हैं और कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। योजना के अंतर्गत किसान के साथ-साथ उसके पात्र परिवार के सदस्य भी निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ पाने के हकदार हो सकते हैं।
आवेदक का नाम भूमि रिकॉर्ड या कृषि संबंधी अभिलेखों में दर्ज होना चाहिए। साथ ही, दुर्घटना की घटना योजना के नियमों के अंतर्गत मान्य होनी आवश्यक है। पात्रता का अंतिम निर्धारण संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और रिकॉर्ड के सत्यापन के आधार पर किया जाता है।
कृषक दुर्घटना योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026 के तहत दुर्घटना में किसान की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर पात्र परिवार को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि संकट की स्थिति में परिवार को वित्तीय सहारा देने और उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
| दुर्घटना/क्षति की स्थिति | मिलने वाली सहायता राशि (अधिकतम) |
|---|---|
| किसान की मृत्यु होने पर | ₹5,00,000 |
| दोनों हाथ या दोनों पैर या दोनों आंखें खोने पर | ₹5,00,000 |
| एक हाथ और एक पैर की पूर्ण क्षति होने पर | ₹5,00,000 |
| एक आंख और एक हाथ या एक पैर की क्षति होने पर | ₹5,00,000 |
| स्थायी पूर्ण दिव्यांगता (Total Disability) होने पर | ₹5,00,000 |
| एक हाथ या एक पैर की पूर्ण क्षति होने पर | ₹2,50,000 |
| एक आंख की पूरी रोशनी चले जाने पर | ₹2,50,000 |
| 25% से अधिक लेकिन 50% से कम दिव्यांगता होने पर | ₹1,00,000 |
| 50% से अधिक दिव्यांगता होने पर | ₹2,50,000 |
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। दस्तावेजों की मदद से किसान और दुर्घटना से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- खसरा / खतौनी की प्रति
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- परिवार रजिस्टर की नकल
- दुर्घटना से संबंधित रिपोर्ट
- मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु की स्थिति में)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांगता की स्थिति में)
किन परिस्थितियों में दावा स्वीकार नहीं किया जाता
यदि आवेदन के साथ जमा किए गए दस्तावेज अधूरे, गलत या सत्यापन में गलत पाए जाते हैं, तो दावा अस्वीकार किया जा सकता है। इसी तरह किसान या लाभार्थी की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने पर भी आवेदन मंजूर नहीं किया जाता।
इसके अलावा, यदि दुर्घटना योजना के निर्धारित नियमों के अंतर्गत नहीं आती है या दावा निर्धारित समय सीमा के बाद प्रस्तुत किया जाता है, तो सहायता का लाभ नहीं मिल पाता। गलत जानकारी देकर लाभ लेने का प्रयास करने पर भी दावा रद्द किया जा सकता है।
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- दुर्घटना होने के बाद किसान या उसके परिवार को नजदीकी तहसील कार्यालय, जन सेवा केंद्र (CSC) या संबंधित राजस्व विभाग से संपर्क करना होगा।
- वहां से आवेदन फॉर्म प्राप्त करके किसान और दुर्घटना से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी।
- इसके बाद आधार कार्ड, खसरा-खतौनी, बैंक पासबुक, दुर्घटना रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करने होंगे।
- जमा किए गए दस्तावेजों और जानकारी की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
- सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन को स्वीकृति के लिए आगे भेजा जाएगा और पात्रता का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- आवेदन मंजूर होने पर योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।